पावन भूमि नीमनवाडा में गुरु गोरखनाथ मठ का 116 वां भव्य रामनवमी महोत्सव: भगवान राम जन्मोत्सव का भव्य आयोजन
रिपोर्ट श्याम आर्य
नीमनवाडा, में रामनवमी के पावन पर्व पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव की भव्य धूम मनाने हेतु गुरु गोरखनाथ मठ, नीमनवाडा में प्रतिवर्षानुसार 116वें रामनवमी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव न केवल भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, एकता और मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्शों को जीवंत करने का माध्यम भी है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही इस परंपरा को इस वर्ष भी भव्य रूप से मनाया जाएगा, जिसमें ग्रामवासियों, भक्तजनों और प्रेमी बंधुओं की सहभागिता अपेक्षित है।मठ प्रबंधन ने सभी सम्मानित ग्रामवासियों, भक्तजनों एवं सनातन धर्म प्रेमियों को हार्दिक आमंत्रित किया है। आपकी उपस्थिति से यह उत्सव और भी दिव्य एवं उत्साहपूर्ण बनेगा। कृपया कृपा कर अपनी गरिमामयी उपस्थिति से हमें आशीर्वाद प्रदान करें। सहयोग, दान एवं सुझावों के लिए भी हार्दिक अनुरोध है।पूर्ण कार्यक्रम समय-सारिणी:दिनांक: 19 मार्च 2026, गुरुवार (गुड़ी पड़वा एवं घट स्थापना)
सुबह से ही भक्ति भजनों, कीर्तन और पूजन-अर्चना के साथ महोत्सव का शुभारंभ। घट स्थापना के माध्यम से नौ दिवसीय रामनवमी उत्सव की आधारशिला रखी जाएगी।दिनांक: 26 मार्च 2026, बुधवार (अखंड रामायण पाठ एवं निशान चढ़ाना)
प्रातःकाल से अखंड रामायण पाठ का भव्य आयोजन। भगवान राम का पावन निशान चढ़ाकर महोत्सव को और भी भव्यता प्रदान की जाएगी। भक्तों को राम कथा की माधुर्य अनुभूति होगी।दिनांक: 27 मार्च 2026, शुक्रवारभजन कार्यक्रम का प्रारंभ: सुबह 8:00 बजे।राम जन्म महोत्सव: प्रातः 11:00 बजे।राम जन्मोत्सव नगर भ्रमण: शाम 5:30 बजे।
भव्य भजन संध्या, राम जन्म लीला का मंचन, मूर्ति स्थापना एवं नगर भ्रमण के साथ दिव्य अनुभूति। भक्तों को भगवान राम के अवतरण का प्रत्यक्ष दर्शन होगा।दिनांक: 28 मार्च 2026, शनिवार (मुख्य रामनवमी महोत्सव)सांस्कृतिक नृत्य एवं गोल डंडार: सुबह 8:00 बजे।आरती: 10:30 बजे।दही लाठी कार्यक्रम: 11:00 बजे।भोजन प्रसादी: 12:30 बजे।घट विसर्जन: शाम 5:30 बजे (आपके आगमन तक प्रतीक्षा रहेगी)।यह महोत्सव गुरु गोरखनाथ मठ की अमर परंपरा का अभिन्न अंग है, जो 116 वर्षों से निरंतर चला आ रहा है। इसमें भाग लेना प्रत्येक भक्त के लिए पुण्य का कार्य है। अधिक से अधिक संख्या में पधारकर भजन-कीर्तन में सहभागिता बने







