ग्रामीण बेटी दीपा येवले का पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में चयन, यादव समाज में खुशी की लहर
रिपोर्ट श्याम आर्य
भीमपुर विकासखंड के ग्राम उत्ती की कुमारी दीपा येवले ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। पिता श्री हरी येवले और मां श्रीमति मालती येवले की इकलौती संतान दीपा ने अपनी कठिन परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प से न केवल अपने छोटे से गरीब परिवार का सिर ऊंचा किया, बल्कि समस्त यादव समाज और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी गर्व की लहर पैदा कर दी है।
एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली दीपा का यह चयन क्षेत्रीय युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेगा। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद दीपा ने कभी हार नहीं मानी। बचपन से ही पढ़ाई के प्रति समर्पित रही दीपा ने माध्यमिक शिक्षा के बाद पुलिस भर्ती की तैयारी शुरू की। लंबे समय तक नियमित अध्ययन, शारीरिक अभ्यास और मॉक टेस्ट के जरिए उन्होंने खुद को मजबूत बनाया। परीक्षा में उनके उत्तीर्ण होने की खबर मिलते ही ग्राम उत्ती सहित आसपास के गांवों में उत्साह छा गया।
समस्त यादव समाज के पदाधिकारियों, ग्रामीणों, सामाजिक बंधुओं और परिवारजन ने दीपा को हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं दी हैं। यादव समाज के एक प्रमुख सदस्य ने बताया, “दीपा ने अपनी मेहनत से साबित कर दिया कि गरीबी बाधा नहीं बन सकती। वह न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज का नाम रोशन कर रही हैं।” ग्रामीण क्षेत्रों में यह खबर तेजी से फैल रही है और युवा वर्ग दीपा को अपना आदर्श मान रहा है।
परिजनों ने बताया कि दीपा की सफलता के पीछे माता-पिता का सहयोग और रिश्तेदारों का प्रोत्साहन मुख्य रहा। पिता हरी येवले ने कहा, “हमारा छोटा परिवार है। दीपा का भविष्य उज्ज्वल हो, यही हमारी कामना है।”
यह चयन मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने का एक और उदाहरण है। दीपा जैसी बेटियां ग्रामीण भारत को नई दिशा दे रही हैं। समस्त क्षेत्रवासियों ने दीपा को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं और आशा जताई है कि वह सेवा के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगी।






