भैंसदेही विधानसभा : धामनया चैत्र मेले में आदिवासी एकता का संदेश, जननेता रामू टेकाम ने युवाओं को नशामुक्ति का दिया आह्वान
भीमपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत धामनया में चैत्र मेला के पावन अवसर पर आयोजित आदिवासी सांस्कृतिक एकता कार्यक्रम में प्रदेशव्यापी उत्साह छाया रहा। जननेता एवं मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय रामू टेकाम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित सैकड़ों जनसमुदाय के बीच संवाद स्थापित कर सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक संरक्षण और ग्रामीण विकास के महत्वपूर्ण संदेश दिए।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक आदिवासी नृत्यों और लोकगीतों से हुई, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। मेले में चैत्र नवरात्रि की भक्ति भावना के साथ आदिवासी संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्य अतिथि रामू टेकाम ने मंच से युवाओं को संबोधित करते हुए नशे के सेवन से दूर रहने का कड़ा आह्वान किया। उन्होंने कहा, “नशा हमारी आने वाली पीढ़ियों का सबसे बड़ा दुश्मन है। युवा भाइयों-बहनों को इसे त्यागकर स्वस्थ और मजबूत समाज का निर्माण करना चाहिए।”
टेकाम ने सामाजिक बंधुओं से अपील की कि वे अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति को संरक्षित रखें। “हमारी परंपराएं, लोकगीत, नृत्य और रीति-रिवाज हमारी पहचान हैं। इन्हें आधुनिकता के नाम पर खोने न दें, बल्कि गर्व से अपनाएं,” उन्होंने जोर देकर कहा। ग्राम विकास के संदर्भ में उन्होंने सामूहिक प्रयासों पर बल दिया। “गांव का हर व्यक्ति सकारात्मक सोच के साथ आगे आए। पंचायत स्तर पर योजनाओं का लाभ सभी को मिले, इसके लिए एकजुट होकर काम करें।”
विशेष रूप से मजदूर वर्ग को संबोधित करते हुए टेकाम ने अन्य राज्यों में रोजगार की तलाश में जाने वाले भाई-बहनों को स्थानीय पंचायत में सूचित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “सरकार की विभिन्न योजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। पंचायत को जानकारी देकर इनका लाभ लें, ताकि परिवार टूटने से बचें।” इसके अलावा, उन्होंने धर्म-जाति के नाम पर नफरत फैलाने वालों को कड़ी चेतावनी दी। “सभी लोग मिल-जुलकर प्रेम से रहें। मानव हित और देश हित में कार्य करें, तभी हमारा समाज मजबूत बनेगा।”
कार्यक्रम में ग्राम सरपंच, पंचायत सदस्य, स्थानीय नेता और बड़ी संख्या में आदिवासी बंधु उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि यह मेला आदिवासी एकता को मजबूत करने का माध्यम बनता है। रामू टेकाम के संदेशों ने जनसमुदाय में नई ऊर्जा का संचार किया।






