भीमपुर में अध्यापक मोर्चा की विशाल सभा: भोपाल यात्रा की रूपरेखा बनी, मांगों पर ज्ञापन सौंपा
रिपोर्ट श्याम आर्य
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में विकासखंड भीमपुर के मंगल भवन कार्यालय में शुक्रवार को अध्यापक-शिक्षक संवर्ग के समस्त अध्यापकों और मातृशक्ति की बड़ी संख्या में उपस्थिति में वृहद बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में ब्लॉक के सभी संकुल प्रमुखों ने मोर्चा द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों की व्यवस्था एवं 18 अप्रैल को भोपाल जाने की रूपरेखा पर गहन विचार-विमर्श किया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य मोर्चा की प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन को मजबूत बनाना था। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी टेट परीक्षा आदेश को तत्काल निरस्त करना।
मध्यप्रदेश शासन द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करना।
अध्यापक-शिक्षक संवर्ग को पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अवकाश के नकदीकरण का लाभ प्रथम नियुक्ति की तिथि से सेवा अवधि की गणना करते हुए प्रदान करना।
शिक्षा विभाग से जनजातीय कार्य विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग से शिक्षा विभाग में आए शिक्षकों को क्रमोन्नति का लाभ एवं मूल विभाग में समायोजन प्रदान करना।
बैठक के अंत में ये मांगें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन के रूप में भव्य रैली निकालकर तहसील कार्यालय पहुंची। रैली में सैकड़ों अध्यापक-शिक्षक शामिल हुए। तहसीलदार श्री बसंत बरखानिया को यह ज्ञापन सौंपा गया, जिन्होंने इसे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
प्रमुख वक्ताओं ने की जोरदार अपील
सभा को संबोधित करते हुए मोर्चा के प्रमुख नेता सुरेंद्र आर्य, शैलेंद्र बिहारिया, संजय गौतम, संतोष आर्य, मनोज आर्य, दिनेश राठौर, रामा घुमारे, भारतु मर्सकोले, जगदीश मिश्र, राजेश मालवी, मनोज बैंस, लक्ष्मीकांत पाटिल, भामा सिंह कुमरे, पूरण कुमरे, द्वारका यादव, सुनील पंडाग्रे, मनोहर मालवी, सुधाकर मंगलमूर्ति पाटणकर, हीरामन यादव, मोतीलाल सेलुलर, काशीराम बिहार, मनकों मैडम, रमौती सलामे मैडम, रूपवती आठवां मैडम, आशा दहीकर मैडम, भावना खरे मैडम, रेखा वनखेड़े, ब्लॉक मीडिया प्रभारी अहाके सर एवं नागले सर ने अपनी बात रखी। उन्होंने शिक्षकों की लंबित मांगों पर शासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
कार्यक्रम का कुशल संचालन आर. पाटिल ने किया। अंत में आजाद सिंह राजपूत ने 18 अप्रैल को भोपाल में प्रस्तावित विशाल कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा बताते हुए समस्त अध्यापकों से बड़ी संख्या में उपस्थित होने की अपील की। उन्होंने आभार भी व्यक्त किया।
यह सभा अध्यापक समुदाय में उत्साह का संचार कर रही है। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज होगा।






