इमलीपानी प्राथमिक शाला में गणतंत्र दिवस पर बच्चों ने बांधा समां, ग्रामीण और शिक्षक लक्ष्मीनारायण की पहल से स्कूल में दिखा सकारात्मक बदलाव
रिपोर्ट श्याम आर्य
भीमपुर : ग्राम पंचायत रंभा के अंतर्गत आने वाले ग्राम इमलीपानी प्राथमिक शाला में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर छोटे-छोटे बच्चों ने कविताओं, देशभक्ति गीतों पर नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। शिक्षक लक्ष्मी नारायण यादव और प्रधान पाठक की सतत पहल से बच्चों में शारीरिक, मानसिक और स्वच्छता संबंधी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। शिक्षक और ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए, जहां बच्चों को उनकी शानदार प्रस्तुतियों के लिए पुरस्कार भी वितरित किए गए।कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई, उसके बाद बच्चों ने स्वच्छ वेशभूषा में देशभक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। छोटे बच्चे ने सुंदर गीत, कविताओं का सस्वर पाठ कर सभी को भावुक कर दिया। ग्रामवासियों ने बताया कि शिक्षक लक्ष्मी नारायण यादव रोजाना बच्चों को व्यायाम, बेहतर शिक्षा और स्वच्छ रहन-सहन की ट्रेनिंग देते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी पहल से ग्रामीणों के साथ मिलकर अपनी निजी राशि से स्कूल परिसर में पंखे लगवाए, ग्रामीणों ने भी स्कूल को बेहतर बनाने में पूर्ण सहयोग दिया।क्षेत्रीय पत्रकार श्याम आर्य ने अपने उद्बोधन में कहा, “जिस जमीन पर हम खड़े हैं, वह हमारा देश है। मूल इकाई से जोड़ने की कोशिश करें, तब समाज बनता है, संस्थान बनता है और देश मजबूत होता है।” उन्होंने स्कूल के पहले और अब के स्वरूप की तुलना करते हुए कहा कि पहले जो स्कूल देखा था, आज वह कहीं बेहतर है। बच्चों में दिख रहे सुधार की सराहना करते हुए उन्होंने शिक्षकों को धन्यवाद दिया और कहा, “मां के बाद शिक्षक ही बच्चे का भविष्य बनाने वाला गुरु होता है।”हालांकि कार्यक्रम की सफलता के बीच ग्रामवासियों ने स्कूल भवन की जर्जर स्थिति पर चिंता जताई। एक पुराना कमरा होने से बच्चों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि समस्त जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों को इस ओर तत्काल ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, “शिक्षक और ग्रामीण स्वच्छ वातावरण दे रहे हैं, लेकिन भवन सुधार हो तो शिक्षा और बेहतर हो सकेगी।” इस पहल से समस्त ग्रामवासियों और बच्चों में खुशहाली का संचार हुआ, जो तारीफ के काबिल है।







