नए साल की शुभ शुरुआत: ताप्ती नदी के घोघरा घाट पर सैकड़ों भक्तों ने लगाई आध्यात्मिक डुबकी
दर्जन लोगों ने अलग-अलग जगह मनाई पिकनिक पार्टी
रिपोर्ट श्याम आर्य
भीमपुर, 1 जनवरी 2026: नए साल 2026 के पहले ही दिन मध्य प्रदेश के भीमपुर ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का अनोखा नजारा देखने को मिला। ताप्ती नदी के पवित्र घोघरा घाट पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने ठंडी सुबह में डुबकी लगाकर वर्ष भर की सुख-समृद्धि की कामना की। स्थानीय परंपरा के अनुसार, नए साल के प्रथम दिन मां ताप्ती में स्नान शुभ माना जाता है, जो गंगा मइया के समान पवित्रता प्रदान करता है।भोर साढ़े चार बजे से ही घोघरा रंभा, रातामाटी, नादा, भीमपुर समेत आसपास के दर्जनों गांवों से भक्तों का तांता लग गया। महिलाएं, पुरुष, छोटे-छोटे बच्चे और बुजुर्ग—सभी ने ठंडी हवाओं के बीच मा ताप्ती नदी की गोद में उतरकर आध्यात्मिक आनंद का रसास्वादन किया। अनुमानित रूप से 500 से अधिक श्रद्धालु इस स्नान में शामिल हुए। घाट पर भक्तों की भीड़ शाम तक रही कई भक्तों ने भजन-कीर्तन और पूजन-अर्चना ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। भक्तों ने मां सूर्यपुत्री ताप्ती नदी में,बच्चे नदी किनारे पिकनिक का मजा लेते नजर आए। नदी का जलस्तर सामान्य होने से कोई अप्रिय घटना नहीं हो सकती थी स्थानीय परंपरा और आध्यात्मिक महत्वयह स्नान सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जो पुरखों से चली आ रही है। ग्रामीणों का मानना है कि ताप्ती मां का आशीर्वाद वर्ष भर सुख, शांति और समृद्धि लाता है। सरपंच रामकिशोर ने बताया, “ठंड लगने के बावजूद यह स्नान मन को असीम शांति देता है। हम ताप्ती मां का आशीर्वाद लेकर नए साल की शुरुआत करते हैं, जो आने वाले दिनों को सौभाग्यपूर्ण बनाता है। यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर है।”युवती यमुना बाई ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा, “नया साल ‘हरित भविष्य’ के संकल्प से शुरू हो। ताप्ती को स्वच्छ रखना हम सबका कर्तव्य है। स्नान के बाद कचरा न फैलाएं, यही मां को सच्ची आराधना है।”पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को मिला बढ़ावा यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि पर्यटन को प्रोत्साहन देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पर्यावरण प्रेमियों ने मौके पर पौधारोपण अभियान पर जोर डालते हुए कहा जो नए साल की थीम ‘हरित भविष्य’ से मेल खाता है। भीमपुर के वरिष्ठ नागरिक श्यामलाल ने कहा, “ऐसे पारंपरिक आयोजनों से हमारी सांस्कृतिक धरोहर जीवंत रहती है। हम भविष्य में इसे और भव्य बनाने के लिए प्रयासरत हैं, ताकि पर्यटक भी यहां आकर इसका आनंद लें।”ग्रामीणों ने अपील की कि ताप्ती को स्वच्छ रखें और स्नान के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखें। इस उत्साहपूर्ण आयोजन से पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है। उम्मीद है कि 2026 ताप्ती भक्तों के लिए सुखमय और समृद्धिशाली साबित होगा।







