जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बेला ग्राम में श्रमदान से बावड़ी का सौंदर्यीकरण
भीमपुर — मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड भीमपुर की ओर से चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्राम पंचायत बेला के शिव शक्ति धाम स्थित ऐतिहासिक बावड़ी के आसपास व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाया गया। नवांकुर संस्था, नव एकलव्य मानव सेवा समिति खुर्दा एवं जनकल्याण संस्था कुंड बकाजन के संयुक्त तत्वावधान में मास्टर ऑफ सोशल वर्क (एमएसडब्ल्यू) तथा बैचलर ऑफ सोशल वर्क (बीएसडब्ल्यू) के विद्यार्थियों के सहयोग से आयोजित इस श्रमदान कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में परामर्शदाता लवकेश मोरसे, पूजा मोरले, विजेश इरपाचे, दीपिका सराठे, ग्राम पंचायत बेला के रोजगार सहायक सुरेश विश्वकर्मा के अलावा प्रस्फुटन समिति के सदस्य गुन्नू उईके, अलकेश कुदारे तथा एमएसडब्ल्यू-बीएसडब्ल्यू विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने बावड़ी के चारों ओर व्याप्त गंदगी, झाड़ियों और कचरे को साफ कर जल संरचना को नई जान फूकी। इस प्रयास से बावड़ी अब साफ-सुथरी और उपयोग योग्य बन गई है, जो ग्रामीणों के लिए जल संरक्षण का प्रतीक बनेगी।
परामर्शदाता लवकेश मोरसे ने बताया कि यह अभियान मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखंड भीमपुर प्रभारी राजू मांडवे, जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी तथा संभाग समन्वयक कौशलेश तिवारी के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन नागर जी के नेतृत्व में संपूर्ण मध्यप्रदेश में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का लक्ष्य है। विकासखंड भीमपुर में नवांकुर संस्थाओं, बीएसडब्ल्यू-एमएसडब्ल्यू विद्यार्थियों तथा ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के सहयोग से विलुप्त हो चुकी जल संरचनाओं जैसे तालाब, कुएं, बावड़ियां, नाले और छोटी नदियों का पुनर्जीवन किया जा रहा है।
शासन-प्रशासन का पूर्ण सहयोग प्राप्त इस अभियान में ग्रामीणों को जोड़कर जल की हर बूंद को संजोने का संकल्प लिया गया है। इसके तहत विकासखंड स्तर पर जल संगोष्ठियां, प्रभात फेरियां तथा ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। मोरसे ने कहा कि ग्रामीण सहभागिता से ये संरचनाएं न केवल पुनर्जनित होंगी, बल्कि जल संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने जल संरक्षण के प्रति जागरूकता व्यक्त की तथा भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी का आश्वासन दिया। जन अभियान परिषद ने अन्य ग्राम पंचायतों में भी इसी प्रकार के श्रमदान और जागरूकता अभियान जारी रखने की योजना बनाई है।







