बैतूल जिले के सेहरा ग्राम के वीर सपूत सूबेदार दयानंद लिल्लोरे का दुःखद निधन, पूर्ण सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
बैतूल जिले के सेहरा ग्राम के निवासी एवं भारतीय सेना की इलेक्ट्रिकल एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) कोर में तैनात सूबेदार दयानंद लिल्लोरे का 26 मार्च 2026 को दिल्ली के आर्मी आरआर अस्पताल में उपचार के दौरान दुःखद निधन हो गया। वे ग्वालियर में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। उनके असामयिक निधन से न केवल सेहरा ग्राम, बल्कि समूचा क्षेत्र शोक की लहर में डूब गया।
स्वर्गीय सूबेदार दयानंद लिल्लोरे देश की सेवा में समर्पित सैनिक थे। उन्होंने अपने जीवन के लंबे समय तक सेना में रहकर राष्ट्र रक्षा में अमूल्य योगदान दिया। उनकी वीरता, अनुशासन और देशभक्ति की भावना हमेशा याद रखी जाएगी। उनके निधन की खबर मिलते ही परिजनों, ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों में गहरा शोक व्याप्त हो गया।
उनके पार्थिव शरीर को बैतूल लाया गया, जहां ताप्ती नदी के तट पर पूर्ण सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सैन्य प्रोटोकॉल के तहत गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसमें सेना के जवान, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। नम आंखों से सभी ने वीर सपूत को विदाई दी।
इस शोकाकुल अवसर पर संत सिंगाजी गवली समाज संगठन के जिला उपाध्यक्ष एवं पूर्व सैनिक श्री सुरेश येवले की गरिमामयी उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उन्होंने पूरे सैन्य सम्मान प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दिवंगत आत्मा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। ग्राम सेहरा में क्षेत्र के अतिविशिष्ट जनप्रतिनिधियों, सेना के जवानों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में अलग से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जहां सभी ने स्वर्गीय सूबेदार की स्मृति को नमन किया।
सेहरा ग्राम सहित बैतूल जिले एवं स्थानीय निवासियों ने बताया कि दयानंद जी गांव के गौरव थे। उनकी कमी हमेशा खलेगी। पूर्व सैनिक संगठनों ने भी उनके योगदान को सलाम किया है।







