भीमपुर। झिरनाधाम में जल गंगा संवर्धन के तहत जोरदार स्वच्छता अभियान, बोरी बंधान में 4-5 फीट पानी संरक्षित
रिपोर्ट श्याम आर्य
भीमपुर, 7 अप्रैल 2026। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखंड भीमपुर, जिला बैतूल इकाई ने ग्राम पंचायत कुटंगा के ढढारी स्थित प्रसिद्ध शिवशक्ति धाम झिरना धाम में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। जंगल के घने इलाके में बसे इस पवित्र धाम में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया, बल्कि पर्यावरण जागरूकता को भी मजबूत किया।
जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी एवं ब्लॉक समन्वयक श्री राजू मांडवे के मार्गदर्शन में चली इस टीम ने पूर्व में निर्मित बोरी बंधान की गहन साफ-सफाई की। परामर्शदाता लवकेश मोरसे ने बताया कि यह बोरी बंधान विगत 28 दिसंबर 2025 को भीमपुर एवं चिचोली विकासखंड की संयुक्त टीम द्वारा लगभग 375 बोरियों से तैयार किया गया था। इसमें प्रस्फुटन समितियों, नवांकुर संस्थाओं के सदस्यों तथा बैचलर ऑफ सोशल वर्क (BSW) और मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक योगदान दिया था। यह संरचना वर्षा ऋतु के जल को रोकने, जल संरक्षण सुनिश्चित करने तथा जंगली जीव-जंतुओं और ग्रामीणों के लिए पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई है।
वर्तमान ग्रीष्मकालीन संकट में आसपास के नालों और जल स्रोतों में पानी पूरी तरह सूख जाने के बावजूद इस बोरी बंधान में 4 से 5 फीट तक जल संरक्षित है। ग्रामीण अपनी मवेशियों को यहीं से पानी पिला रहे हैं, जबकि वन्य प्राणी जैसे हिरण, खरगोश और अन्य जीव भी इसका लाभ उठा रहे हैं। जिला समन्वयक प्रिया चौधरी ने कहा, “यह क्षेत्र घने जंगल के मध्य स्थित है, जहां स्वच्छता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। शिवरात्रि और नवरात्रि जैसे प्रमुख त्योहारों में यहां हजारों श्रद्धालु आते हैं, जो इस जल स्रोत से लाभान्वित होते हैं। इसलिए नियमित स्वच्छता अभियान आवश्यक है।”
कार्यक्रम को और मजबूती प्रदान करते हुए पूर्व जनपद उपाध्यक्ष एवं जिला वन समिति अध्यक्ष मनोहरी परते ने बताया कि भविष्य में यहां स्थायी जल संरचना जैसे स्टॉप डेम बनाने के लिए डीएफओ से चर्चा की जा चुकी है। इससे जल संचयन की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी और क्षेत्रीय जल संकट से निजात मिलेगी। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की कि वे जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
अभियान के समापन पर सभी उपस्थित सदस्यों ने मानव श्रृंखला बनाकर जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण रक्षा की शपथ ली। इस अवसर पर पूजा मोरले, शंकरलाल चौहान, दीपिका सराठे, विजेश इरपाचे, कमलेश लोखंडे, देवेंद्र धोते, मीनाक्षी जंगलसिंह परते, पप्पू काकोड़िया, सुखनंदन उईके, अलकेश कुदारे, अर्जित आर्य सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य, नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं विद्यार्थी मौजूद रहे। यह अभियान बैतूल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रतीक बन गया है







