मानवता का अनमोल दान: जनपद सदस्य पप्पू ककोड़िया ने 9 वीं बार, संवाददाता सुखनंदन उइके ने 4थी बार किया रक्तदान
रिपोर्ट श्याम आर्य
(भीमपुर):विकासखंड भीमपुर के ग्राम पंचायत पलासपानी मोहढाना निवासी ज्योति पिता बाबूलाल काकोड़िया की अचानक बिगड़ती तबीयत ने एक बार फिर रक्तदान की महत्ता को साबित कर दिया। ज्योति को भीमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से बैटरी चलित एम्बुलेंस द्वारा जिला अस्पताल बैतूल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए लगभग चार यूनिट रक्त की तत्काल आवश्यकता बताई। इस संकटकाल में जयस प्रभारी एवं जनपद सदस्य पप्पू ककोड़िया और मध्यप्रदेश मिरर संवाददाता सुखनंदन उइके ने मानवता का परिचय देते हुए अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया।
पप्पू ककोड़िया ने अब तक कुल नौ बार रक्तदान कर चुके हैं, जबकि सुखनंदन उइके ने यह अपना चौथा रक्तदान किया। दोनों ने निस्वार्थ भाव से जरूरतमंद की सहायता कर न केवल ज्योति की जान बचाई, बल्कि समाज को रक्तदान के प्रति प्रेरित भी किया। पप्पू ककोड़िया ने बताया, “रक्तदान महादान है। यह न केवल दूसरों का जीवन बचाता है, बल्कि दाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। मैंने हमेशा इस पुण्य कार्य को प्राथमिकता दी है।” वहीं, सुखनंदन उइके ने कहा, “यह मायने नहीं रखता कि हम कितना देते हैं, बल्कि यह मायने रखता है कि हम देने में कितना प्रेम डालते हैं। यदि हृदय में दान की भावना नहीं है, तो वह सबसे गंभीर रोग है। प्रत्येक अच्छा कर्म दान है।”
रक्तदान एक ऐसा निःस्वार्थ कार्य है जिसमें स्वस्थ व्यक्ति अपने रक्त का हिस्सा देकर जरूरतमंदों की जान बचाता है। चिकित्सकों के अनुसार, रक्तदान से दाता का हृदय स्वस्थ रहता है, रक्तचाप नियंत्रित होता है और कैंसर जैसी बीमारियों का जोखिम कम होता है। जयस संगठन भीमपुर बैतूल के सचिन उइके (जयस सदस्य), चीनू, सोनू धुर्वे (महामंत्री एवं पदाधिकारी) भी इस नेक कार्य के साक्षी बने। संगठन ने रक्तदाताओं का सम्मान किया और ग्रामीणों से अपील की कि वे नियमित रक्तदान शिविरों में भाग लें।
रक्तदाताओं ने संदेश दिया कि जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं। मनुष्य का सच्चा धन परलोक में वही भलाई है जो वह संसार में अपने साथियों के लिए करता है। जिला बैतूल में इस तरह की घटनाएं सामाजिक जागरूकता बढ़ा रही हैं।







