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राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर भव्य विज्ञान कार्यशाला एवं मेला आयोजित

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राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर भव्य विज्ञान कार्यशाला एवं मेला आयोजित

भीमपुर– विकासखंड भीमपुर स्थित मॉडल उच्च माध्यमिक विद्यालय, भीमपुर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर एक दिवसीय भव्य विज्ञान कार्यशाला एवं विज्ञान मेला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसके माध्यम से कक्षा 6 से 12 तक के छात्र–छात्राओं को विज्ञान के प्रति रुचि उत्पन्न करने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य एवं विषय

कार्यक्रम का मुख्य विषय “भूगोल, खगोल एवं गणितीय नवाचार” रखा गया, जिस क्रम में विद्यार्थियों को पृथ्वी की गति, चंद्रमा की कलाएं, सौरमंडल, ग्रहों की कक्षा एवं उपयोगात्मक गणित की अवधारणाओं को सरल भाषा व प्रयोगात्मक तरीके से समझाया गया। यह आयोजन महान वैज्ञानिक डॉ. सी. वी. रमन की स्मृति को समर्पित किया गया, जिन्होंने रमन प्रभाव की खोज के माध्यम से विश्व विज्ञान क्षेत्र में भारत का नाम ऊँचा किया और वर्ष 1930 में नोबेल पुरस्कार जीता।

 

*विद्यालय प्रशासन एवं मुख्य अतिथियों के विचार*

 

विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती आशा साहू ने अपने अभिभाषण में कहा कि आज के समय में केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रयोगों, मॉडल निर्माण एवं हैंड्स‑ऑन गतिविधियों द्वारा विज्ञान को जीवंत रूप देना आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तार्किक सोच और शोधपरक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का यह आयोजन भीमपुर के ग्रामीण विद्यार्थियों को खगोल, भूगोल और गणित जैसे विषयों को मॉडल‑आधारित गतिविधियों के माध्यम से समझने का अनूठा अवसर प्रदान करता है।

विशेष रूप से आमंत्रित विशेषज्ञ श्री दीपक सोनी तथा श्री आशीष पारे (मध्य प्रदेश विज्ञान सभा) ने ब्रह्मांड की संरचना, सौरमंडल की कार्यप्रणाली और उपयोगात्मक गणित की अवधारणाओं को सरल तरीके व जीवंत प्रयोगों के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, तार्किक सोच और नवाचार की भावना जागृत होती है, जो आगे चलकर अनुसंधान एवं उद्योग में योगदान देने की दिशा में मार्गदर्शन करती है।

कार्यशाला एवं मेले की गतिविधियाँ

कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती मालती कंगाली ने कहा कि इस कार्यशाला एवं मेले का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सूर्य व चंद्र ग्रहण, चंद्रकलाएं, मौसम निर्माण, राशि चक्र तथा पृथ्वी की गति जैसी जटिल अवधारणाओं को क्रियाशील मॉडलों और हैंड्स‑ऑन गतिविधियों के माध्यम से सरल व रोचक तरीके से समझाना था। विद्यार्थियों के लिए खगोल एवं भूगोल से संबंधित अनेक नवाचारी प्रयोग एवं मॉडल लगाए गए, जिनमें सूर्य एवं चंद्र ग्रहण का मॉडल, चंद्रचक्र की घूर्णन प्रणाली, मौसम परिवर्तन की प्रक्रिया, पृथ्वी की घूर्णन‑परिक्रमण गति तथा सौरमंडल का त्रि‑आयामी मॉडल शामिल था।

विद्यार्थियों ने वॉटर रॉकेट्री, सूर्य का सुरक्षित अवलोकन, पृथ्वी की गति के मॉडल तथा सौरमंडल पर आधारित प्रयोग स्वयं बनाकर प्रस्तुत किए, जिससे उनकी वैज्ञानिक समझ, तकनीकी क्षमता एवं रचनात्मकता में उल्लेखनीय सुधार दिखाई दिया। छात्रों ने प्रयोगों के माध्यम से वायु, जल, गुरुत्वाकर्षण तथा गति के नियमों को व्यावहारिक रूप से समझा और अपने मॉडलों के माध्यम से विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को सरल तरीके से प्रस्तुत किया।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनके विज्ञान‑प्रेम व नवाचार की भावना को और बढ़ावा मिला।

betulnews times
Author: betulnews times

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