भीमपुर विकासखंड में अचानक गरज-बिजली संग बारिश, किसानों में अफरा-तफरी: फसलें संकट में
बेमौसम बारिश, फसलों को नुकसान:गेहूं-चने की चमक फीकी पड़ने की आशंका,
रिपोर्ट श्याम आर्य
भीमपुर विकासखंड में गुरुवार शाम को अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिला,घिर आए गरजते बादलों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बारिश और कड़कती बिजली ने खेतों में पकी खड़ी गेहूं-चना की फसल को खतरे में डाल दिया। किसान पाल-पन्नी लेकर खेतों की ओर दौड़े, लेकिन पानी की तेज धार ने कटाई का काम पूरी तरह ठप कर दिया। थ्रेसर बंद हो गए, गेहूं निकालना रुक गया और ईंट भट्टों पर भी काम ठहर गया। जंगल के महुआ और आम के बागानों को बिजली की चपेट में आने का खतरा मंडराया है, जिससे गरीब मजदूरों को भारी नुकसान की आशंका है।क्षेत्र में शाम करीब 6 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। काले बादल छाए, बिजली चमकने लगी और फिर जोरदार बारिश शुरू हो गई। चोहटा, जामू, रभा, चादू, कूनखेड़ी, नादा, चिखली, पाठ, बेला, खामापुर सहित विकासखंड के दर्जनों गांवों में 1 घंटे 45 मिनट से अधिक समय तक बरसात जारी रही। किसान राजू धुर्वे ने बताया, “गेहूं की कटाई के आखिरी चरण में यह बारिश आई तो सब कुछ बर्बाद हो गया। थ्रेसर मालिक ने मशीन बंद कर दी, अब फसल भीग रही है।” इसी तरह चना उत्पादक किसान श्यामलाल ने चिंता जताई कि नमी से फसल खराब होने का डर है।कई क्षेत्र प्रभावित, लेकिन ओलों से बची फसल
सौभाग्य से इस बारिश में ओले नहीं गिरे और तेज हवा भी नहीं चली, जिससे फसलें पूरी तरह सुरक्षित रहीं। किसानों ने राहत की सांस ली, लेकिन पानी भरने से खेतों में काम रुक गया। ईंट भट्टा मालिक पंकज प्रजापति ने कहा, “आग भीग गई, भट्टा बंद। दो-चार दिन लगेंगे सामान्य होने में।” जंगलों में महुआ तोड़ने वाले मजदूरों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। बिजली गिरने से कई महुआ के पेड़ क्षतिग्रस्त होने की खबरें हैं, जबकि आम के बागानों में फल झड़ने का खतरा बढ़ गया है।स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखी है। किसानों ने कहा कृषि विभाग की टीम फसल नुकसान का आकलन करना चाहिए है। किसानों से अपील की गई है कि वे पाल-पन्नी से फसलें ढकें और सूखने का इंतजार करें। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में मौसम में बदलाव हो सकते है संभावना है, लेकिन किसान अभी भी चिंतित हैं।







